Tuesday, 23 April 2013

करीब पाँच साल पहले चार उत्साही युवकों ने इलाहाबाद के अल्फ्रेड-पार्क में आपसी सलाह करके एक दत्तचित्त परन्तु असफल प्रयास किया था .....एक मासिक साहित्यिक पत्रिका निकालने का ...नाम बड़े जतन से रखा "युवा-मन".... उस प्रयास के इतिहास में ना जाते हुए आज सहर्ष यह घोषणा करने का साहस कर पा रहा हूँ कि ....इस बार अनुभवी और विज्ञ-जनों के मार्गदर्शन में ये प्रयास इश्वर कृपा और आप सभी के सहयोग से पूर्ण होगा ऐसी आशा है ....
आप सभी युवा साथियों से अनुरोध है कि आपकी अप्रकाशित या प्रकाशित कोई भी रचना जो आपको स्तरीय लगती हो चाहे वो कहानी,कविता,गीत,गजल,शायरी,धारावाहिक उपन्यास,यात्रा-संस्मरण कुछ भी हो उससे "युवा-मन" को अवश्य अवगत कराएं ..... याद रखिये शरतचंद्र जैसे कथाशिल्पी भी इसी मार्ग से साहित्याकाश में पहुँचे.... मुझसे कहीं भी मिलकर अपनी रचना से अवगत कराएं 

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