Tuesday, 23 April 2013

मोहम्मद दारा शिकोह की पुस्तक "मजमा-अल-बाहरेन" (दो महासागरों का मिलन) में भारत की साझा संस्कृति का सुन्दर वर्णन पढ़ा ! वे भारत को हिन्दू-मुस्लिम धर्म का मिलन स्थल कहते हैं ! जैसे उर्दू , हिंदी और फ़ारसी की अंतःक्रिया से जन्मी ! अकबर के खजाने के प्रभारी जैसे टोडरमल थे, वैसे ही शिवाजी के सबसे विश्वासपात्र सचिव थे मौलाना हैदर अली !! मेवाती मुसलामानों के पूर्वजों का विवरण हिन्दू पंडितों के पोथों में दर्ज रहता है और केरल के नवायत मुस्लिम विवाह के समय अग्नि के चारों ओर सात फेरे लगाते हैं ..............फिर कौन आज मजहब के नाम पर बस्तियाँ जला रहा है ........ज़रा सोचिये !!! जवाब आपके पास ही है ; 

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